Cheque Bounce Rule: आरबीआई के द्वारा चेक बाउंस संबंधित एक विशेष नियम बनाया गया है. जिसके अंतर्गत चेक बाउंस होता है तो उसमें आपको कई प्रकार के राहत दी जाएंगे. जैसा कि आप लोगों को मालूम है कि आज के समय चेक के द्वारा पेमेंट करने का प्रचलन काफी कम हो गया है. फिर भी कई लोग आज भी चेक के द्वारा पेमेंट करते हैं. ऐसे में अगर आप भी चेक से पेमेंट करते हैं और आपका एक बाउंस हो जा रहा है तो उससे संबंधित आरबीआई के द्वारा नियम बनाया गया है.
चेक बाउंस और उसके परिणाम
यदि आपका चेक भी बाउंस हो जा रहा है तो उससे आपको कहीं पर करके दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा और जिसके कारण कई बार तो आपको मानसिक समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है. इसलिए आरबीआई के द्वारा कहा गया है कि यदि आपका चेक बाउंस होता है तो उसकी सूचना बैंक को आपको 24 घंटे के अंदर देनी होगी, ताकि आपको चेक बाउंस होने का शुल्क न देना पड़े. इससे आप आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं.
बार-बार गलती करने पर क्या होगा
आरबीआई के द्वारा कहा गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति बार-बार जानबूझकर चेक बाउंस करता है तो ऐसे में उसका खाता यहां पर फ्रीज कर दिया जाएगा और उसे बैंकिंग सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा. इस नियम को केवल व्यक्तिगत खातों पर नहीं बल्कि जो लोग बिजनेस करते हैं उन पर भी लागू किया जाएगा.
इसलिए अगर आप बैंक में चेक जमा कर रहे हैं तो आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आपके खाते में प्राप्त राशि हो और अगर चेक बाउंस होता है तो पहली बार तो आपको बैंक एक चेतावनी जारी करेगा. उसके बाद भी अगर आप उसे बैंकिंग नियम का उल्लंघन करते हैं तो आपका खाता बंद किया जा सकता है.
बैंक तकनीकी गलती पर राहत मिलेगा
यदि बैंक के तकनीकी कारण के कारण आपके अकाउंट में पैसा होने के बाद भी चेक बाउंस होता है तो इसके लिए बैंक जिम्मेदार होगा. आपके ऊपर कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी. इस प्रक्रिया में बैंक को तुरंत जवाब देना होगा कि किस कारण से आपका चेक बाउंस हुआ है और अगर तकनीकी कारण है तो बैंक इसके लिए जवाब दे होगा.
डिजिटल प्रणाली से शिकायत करें
यदि आपका चेक बाउंस हो रहा है और बैंकिंग तकनीकी के कारण हो रहा है तो आप उसकी शिकायत करने के लिए आरबीआई जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि आप ऑनलाइन डिजिटल तरीकों से चेक बाउंस होने की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं ताकि उसका निवारण हो सके.